Sad Shayari- ग़म शायरी

Humari Adhuri Kahani

Humari Adhuri Kahani- Dosti Shayari click here..

उसने दिल से उसकी नफरत तक का
सफर कमल का रहा
क्यों नहीं हो पाई वो मेरी इस बात
का ताउम्र मलाल सा रहा

तेरे मोहल्ले की गलियाँ लगता है आज
भी मुझे याद करती है
याद भी क्यों ना करे
हाथो में हाथ डाल के एक दूजे के संग
यँहा खूब घूमे है

जो देखे थे ख्वाब मैंने वो धीरे-धीरे ख़त्म
हो रहे है
अब वो ही नहीं तो कैसे ख्वाब सब अंदर
ही अंदर दफ़्न हो रहे है

बहाने आज की मोहोब्बत में अलग होने के
सिर्फ यही है
एक तो ‘तू कभी नहीं समझेगा’ दूसरा ‘मेरे
घर वाले नहीं मानेंगे’

चली गई वो मुज़से दूर क्योंकि वो किसी
और की अमानत थी
नहीं आती अब मुझे भी याद एक पुराणी सी
जो मेरी आदत थी

उम्मीद से मुझे अब कोई उम्मीद नहीं फिर
भी एक उम्मीद बाकि है
कहने को तो बहुत पहले भुला चूका पर
अब तभी तू कही मुझे में बाकि है

उसकी कमी है की आज भी कही मुझे खल
रही है
वैसे इश्क़ की दीवानगी ही तो थी अब
धीरे-धीरे ढल रही है

मुसीबते अपनी भुला कर मैं तुम्हे हँसाया करता था
करोगी एक दीन याद की कोई तुम्हे इतना
चाहा करता था

मैं जिसका रांझणा था वो मेरी हीर नही बान
पाई
जिसे मैं चाहता हूँ वो मेरे हांथो की लकीर
नही बान पाई….Humari Adhuri Kahani

मैं उसे खोने से डरता था,
वो इस डर को ही मेरी कमज़ोरी समझती थी।
मैं बेहिसाब फ़िक्र करता था,
वो अपने जिक्र को उंगलियों पर गिनती थी।

कहानी तो अधूरी ही रहनी थी साहिब!

वो रात के जुगनू की चमक
दिन के उजालों में जो खोजा करती थी..

SHORT LOVE QUOTES

Sometimes it’s good to let everyone go …No matter who they are …

Pure Din Mei Sabse Jayda Khushi Mujhe Tab Hothi Hai,
Jab Meri Aapse Baat Hothi Hai…

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